धरती माँ..
मुझे उस माँ के लिए भी कुछ लिखना है.✍
जिस पर में जन्म के बाद पहली बार कदम रखता हु,
जिस पर में दिन रात मस्त करते हुए में बड़ा होता हु ;
जिसपर ऊगा हुआ अनाज में खता हु
जिसके द्वारा मिल रहा पानी में पिता हु,
जिसपर मेंरा घर हे और जहा में रहता हु,
जिसने मुझे उसकी कोख से शोना,चांदी,हिरे,लोखंड जैसे पदार्थ दिए,
जिसके ऊपर में कूड़ा कचरा फैलता हु,
जिसपर में हल चलता हु उसको दर्द देता हु,
फिर भी मुझे गिरने नहीं देती,
मुझे मरने के बाद उसकी ही कोख में मिटटी बनके समां जाना है,
ऐसी माँ को कैसे में भूल जाता हु.
मेरी प्यारी धरती माँ तुझे में दिल से चाहता हु और तेरी ही मिटटी में मिल जाना चाहता हु,
i love you Maa
FOR Dharti Maa.
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dharti maa.
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