धरती हमारा घर है.

जिस जमीन पर अभी तुम कूड़ा कचरा और गंदकी फेलाते  हो,
मत भूलो कल को मौत के बाद उसी धरती की मिटटी में मिल जाना है.
धरती हमारा घर है.

धरती हमारा घर है

"जिस जमीन पर अभी तुम कूड़ा कचरा और गंदगी फेलाते हो, मत भूलो कल को मौत के बाद उसी धरती की मिटटी में मिल जाना है" - यह एक कड़वी सच्चाई है जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

हमारी धरती हमारा एकमात्र घर है। यह हमें जीवन देने वाली वस्तुओं - पानी, हवा, भोजन - से भरपूर है। फिर भी, हम इसे कचरे के ढेर में बदल रहे हैं। प्रदूषण, कचरा, और जलवायु परिवर्तन के खतरों से हमारा ग्रह जूझ रहा है।

क्या हम सचमुच भूल गए हैं कि हम इसी धरती के अंश हैं? एक दिन हम सबको यहीं वापस लौटना है। क्या हम ऐसा ग्रह छोड़ना चाहेंगे जो जहरीला और रहने लायक न हो?

आइए, आज ही कदम उठाएं। थोड़ा सा बदलाव लाएं। कचरा अलग करें, पानी बचाएं, पेड़ लगाएं। ये छोटे-छोटे कदम हमारे ग्रह को बचा सकते हैं। याद रखें, हमारी धरती, हमारा घर है। इसे प्यार और सम्मान दें।

#पर्यावरण #धरती #प्रकृति #जीवन

we have to most beautiful Earth🌍

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