धरती हमारा घर है
"जिस जमीन पर अभी तुम कूड़ा कचरा और गंदगी फेलाते हो, मत भूलो कल को मौत के बाद उसी धरती की मिटटी में मिल जाना है" - यह एक कड़वी सच्चाई है जिसे हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
हमारी धरती हमारा एकमात्र घर है। यह हमें जीवन देने वाली वस्तुओं - पानी, हवा, भोजन - से भरपूर है। फिर भी, हम इसे कचरे के ढेर में बदल रहे हैं। प्रदूषण, कचरा, और जलवायु परिवर्तन के खतरों से हमारा ग्रह जूझ रहा है।
क्या हम सचमुच भूल गए हैं कि हम इसी धरती के अंश हैं? एक दिन हम सबको यहीं वापस लौटना है। क्या हम ऐसा ग्रह छोड़ना चाहेंगे जो जहरीला और रहने लायक न हो?
आइए, आज ही कदम उठाएं। थोड़ा सा बदलाव लाएं। कचरा अलग करें, पानी बचाएं, पेड़ लगाएं। ये छोटे-छोटे कदम हमारे ग्रह को बचा सकते हैं। याद रखें, हमारी धरती, हमारा घर है। इसे प्यार और सम्मान दें।
मुझे उस माँ के लिए भी कुछ लिखना है.✍
जिस पर में जन्म के बाद पहली बार कदम रखता हु,
जिस पर में दिन रात मस्त करते हुए में बड़ा होता हु ;
जिसपर ऊगा हुआ अनाज में खता हु
जिसके द्वारा मिल रहा पानी में पिता हु,
जिसपर मेंरा घर हे और जहा में रहता हु,
जिसने मुझे उसकी कोख से शोना,चांदी,हिरे,लोखंड जैसे पदार्थ दिए,
जिसके ऊपर में कूड़ा कचरा फैलता हु,
जिसपर में हल चलता हु उसको दर्द देता हु,
फिर भी मुझे गिरने नहीं देती,
मुझे मरने के बाद उसकी ही कोख में मिटटी बनके समां जाना है,
ऐसी माँ को कैसे में भूल जाता हु.
मेरी प्यारी धरती माँ तुझे में दिल से चाहता हु और तेरी ही मिटटी में मिल जाना चाहता हु,
i love you Maa
#पर्यावरण #धरती #प्रकृति #जीवन
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